हाथ जोड़ कर माँगता हूँ ऐसा हो जनम भजन लिरिक्स

हाथ जोड़ कर माँगता हूँ ऐसा हो जनम भजन लिरिक्स

हाथ जोड़ कर माँगता हूँ,
ऐसा हो जनम,
तेरे नाम से शुरू,
तेरे नाम से खत्म,
हाथ जोड़ कर मांगता हूँ,
ऐसा हो जनम ।।

तर्ज – मेरे प्यार की उमर हो।

तेरे चलते बनी मेरी पहचान सांवरे,
वरना गली गली में घूमते,
वरना गली गली में घूमते,
बनके बावरे,
अब उठेगा तेरी राहों में जो,
मेरा हर कदम,
तेरे नाम से शुरू,
तेरे नाम से खत्म,
हाथ जोड़ कर मांगता हूँ,
ऐसा हो जनम ।।

जाने अनजाने में ऐसा,
एक काम हो गया,
मेरी जिंदगी का मालिक,
मेरी जिंदगी का मालिक,
मेरा श्याम हो गया,
वरना इतने भी बुरे न थे,
मेरे करम,
तेरे नाम से शुरू,
तेरे नाम से खत्म,
हाथ जोड़ कर मांगता हूँ,
ऐसा हो जनम ।।

कैसे भूलूँ करी जो तूने मेहरबानियां,
एक अनजाने के वास्ते,
एक अनजाने के वास्ते,
क्या क्या नही किया,
‘श्याम’ गायेगा गुण जब तक,
दम में हे दम,
तेरे नाम से शुरू,
तेरे नाम से खत्म,
हाथ जोड़ कर मांगता हूँ,
ऐसा हो जनम ।।

हाथ जोड़ कर माँगता हूँ,
ऐसा हो जनम,
तेरे नाम से शुरू,
तेरे नाम से खत्म,
हाथ जोड़ कर मांगता हूँ,
ऐसा हो जनम ।।