श्याम महारे घरा ले चालू रे,
श्याम महारे घरा ले चालू रे, पतली सी पीताम्बरी में सिया मरेलो रे. श्याम महारे घरा …… ठंडी ठंडी बाल चालसी,थर थर कांपे काया, खाटू वाले खारडे में सिया मरेलो भाया, थारा दांत कडाकड बोले रे, पतली सी पीताम्बरी में सिया….. महारे घरा छ गुदरा भाया जाके सो सो कारी, एक ओढ़ सया एक बिच्छासाया,रात … Read more