इक हमारे बांके बिहारी दूजे लख दातार,
इक हमारे बांके बिहारी दूजे लख दातार, हमारे दो ही रिश्तेदार, इक बजावे मधुर मुरलियां इक कहावे सेठ सवारिया, इक है राजा है वृदावन के इक है खाटू के सरकार, हमारे दो ही रिश्तेदार…………. देख बनाके रिश्तेदारी कट जाये तेरी विपदा सारी, इक भरे भंडार सभी के इक करे भव पार, हमारे दो ही रिश्तेदार….. … Read more