खाटू जो पौंचा पहली बार मन को लुभाया ये दरबार,
खाटू जो पौंचा पहली बार मन को लुभाया ये दरबार, कुक सी दिल में उठने लगी,श्याम से हो गया मुझको प्यार, झुक कर किया नमन के मेरे दिन बदल गये, इसी लगी लगन के मेरे दिन बदल गये, श्याम ने सिर पर हाथ धरा बोज मेरे दिल का उतरा, किरपा श्याम ने बरसाई भाग्य हो … Read more