यहाँ विराजे शीश का दानी मेरा बाबा श्याम,
यहाँ विराजे शीश का दानी मेरा बाबा श्याम, दीवाने मुझे ले चल खाटू धाम, तन मन धन सब इनके अर्पण, जीवन भी है इनको समर्पण, मन मंदिर में छवि निरखु मैं, इनकी आठो याम, दीवाने मुझे ले चल खाटू धाम, श्याम हमारे भोले भाले, अपने भगतो के रखवाले. ऐसे देव दयालु के मेरा चरणों में … Read more