संवारे की महफ़िल को संवारा सजाता है,

संवारे की महफ़िल को संवारा सजाता है, किस्मत वालो के घर में श्याम आता है, गेहरा हो नाता बाबा का जिनसे, मिलने को बाबा आता है उनसे, उनका यह साथी बन जाता है, संवारे की महफ़िल को संवारा सजाता है, किरपा बरसती है जिनपे इनकी, तकदीर लिखता हाथो से उनकी, गम का अँधेरा छत जाता … Read more