हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में,

हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में, मिलती है तन्खा मुझे बारश में, दो दिन के बदले में तीस दिनों तक मौज करू, अपने ठाकुर की सेवा भजनो से रोज करू, रहता है तू सदा भक्तो के वश में, हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में, दो आंसू जब बह जाते है चरणों में तेरे, करता है … Read more

दरबार हजारो है, ऐसा दरबार कहाँ,

दरबार हजारो है, ऐसा दरबार कहाँ, जो श्याम से मिलता है ,कहो मिलता प्यार कहाँ दरबार हजारो है …. जो आश लगाकर के दरबार में आता है, खाली झोली आता ,भर कर ले जाता है, मांगे से जो मिल जाये ,ऐसा भंडार कान्हा, दरबार हजारो है…… सब के मन की बाते, बड़े ध्यान से सुनता … Read more